Dosti Shayari in Hindi With Images (Friendship Shayari)

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Dosti Shayari का शानदार कलेक्शन। ऐसी जबरदस्त Friendship Shayari आपको और कहीं नहीं मिलेगी। ये शायरी सबसे बेस्ट शायरी है। यहाँ एक से बढ़कर एक दोस्ती शायरी है।

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Dosti Shayari

खुदा के घर से कुछ फरिस्ते फरार हो गये,
कुछ पकडे गये और कुछ हमारे यार हो गये।

अपनी जिंदगी के अलग उसूल है,
यार की खातिर तो कांटे भी कबूल है।

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हम उन बेरहम दोस्तों में से है,
जो अकेला छोड़ने का बोलो तो,
ढोल नगाड़े भी साथ ले आते है।

लकीरें तो हमारी भी बहुत ख़ास है,
तभी तो तुम जैसा दोस्त हमारे पास है।

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दावे दोस्ती के मुझे नहीं आते यारो..!
एक जान है, जब दिल चाहें मांग लेना..!!

भरी महफ़िल में दोस्ती का हुआ।
हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और,
लोग वाह-वाह कहने लगे।

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दोस्तों से बिछड़ कर ये बात जानी है,
कमीने थे पर रौनक उन्हीं से थी।

कौन कहता है की दोस्ती-यारी बर्बाद करती है,
कोई निभाने वाला हो तो दुनिया याद करती है।

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गुण मिलने पर शादी होती है..
और अवगुण मिलने पर दोस्ती…

कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त,
तूझे याद करने की खता हम बार-बार न करते।

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बेवजह है… तभी तो दोस्ती है…
वजह होती तो… साजिश होती…!

जिंदगी में कुछ दोस्त ख़ास बन गये
मिले तो मुलाक़ात और बिछड़े तो याद बन गए।

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दोस्तों की दोस्ती में कभी कोई रूल नहीं होता है,
और ये सिखाने के लिए कोई स्कूल नहीं होता है…

बहुत खूबसूरत होते है ऐसे रिश्ते,
जिन पर कोई हक भी ना हो,
और कोई शक भी न हो..!!

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गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा कर लाए थे,
खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया।

खींच कर उतार देते हैं उम्र की चादर,
ये कम्बख्त दोस्त कभी बूढ़ा नहीं होने देते…

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ना किसी लड़की की चाहत,
ना ही पढ़ाई का जज्बा था,
बस 4 कमीने दोस्त थे,
और लास्ट बेंच पर कब्ज़ा था।

सोचता हूँ दोस्तों पर मुकदमा कर दूँ,
इसी बहाने तारीखों पर मुलाक़ात तो होगी।

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मुझसे दोस्त नहीं बदले जाते,
चाहे लाख दूरी होने पर,
यहाँ लोगों के भगवान बदल जाते है,
एक मुराद ना पूरी होने पर।

ना तुम दूर जाना ना हम दूर जायेंगे,
अपने-अपने हिस्से की दोस्ती निभाएंगे।

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हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से,
कम्बख्त…..
दुःख की सारी लकीरें मिटा गए…..

किस्मत वालों को ही मिलती है पनाह दोस्तों के दिल में,
यूँ ही हर शख्स जन्नत का हकदार नहीं होता।

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कमजोरियां मत खोज मुझ में मेरे दोस्त!
एक तू भी शामिल है मेरी कमजोरियों में।

दौलत से दोस्त बने वो दोस्त नहीं,
पर सच कहूं तो दोस्त जैसी कोई दौलत नहीं।

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जगह ही नहीं दिल में अब, दुश्मनों के लिए…..
कब्ज़ा दोस्तों का, कुछ ज्यादा ही हो गया है।

देखी जो नब्ज मेरी तो हँस कर बोला हकीम,
तेरे मर्ज़ का इलाज महफ़िल है तेरे दोस्तों की।

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तुम पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे झोली अपनी,
क्योंकि हम दोस्तों के तोहफे ठुकराया नहीं करते।

यारों की यारी भी खिचड़ी से कम नहीं,
स्वाद भले ही न हो पर कम्बख्त… भूख मिटा देती है..!!

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मटर-पनीर समझकर दोस्त बनाए थे,
साले सब के सब टिण्डे निकले।

गुफ्तगू करते रहिये थोड़ी-थोड़ी दोस्तों से,
जाले लग जाते है अक्सर बंद मकानों में।

दोस्ती वो नहीं जो जान देती है,
दोस्ती वो भी नहीं जो मुस्कान देती है,
अरे सच्ची दोस्ती तो वो है,
जो पानी में गिरा हुआ आंसू भी पहचान लेती है।

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नादान से दोस्ती कीजिये, क्योंकि मुसीबत के वक्त,
कोई भी समझदार साथ नहीं देता।

इतिहास के हर पन्ने पर लिखा है,
दोस्ती कभी बड़ी नही होती,
बल्कि दोस्ती निभाने वाले हमेशा बड़े होते है।

दोस्ती एक वो एहसास होता है,
जो अनजाने लोगो को भी पास लाता है,
जो हर पल साथ दे वही दोस्त कहलाता है,
वरना तो अपना साया भी साथ छोड़ जाता है।

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फर्क तो अपनी सोच मे है जनाब,
वर्ना दोस्ती भी मोहब्बत से कम नही होती।

सच्चा दोस्त वही होता है जो हमे कभी गिरने न दे,
वो न कभी किसी की नज़रो में गिरने दे,
और न कभी किसी के कदमो में गिरने दे।

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ,
सामने न सही पर आस-पास हूँ,
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे,
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ..!!

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कितने कमाल की होती है ना दोस्ती…
वजन होता है… लेकिन बोझ नही होती…

लोग कहते है जमीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता,
शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुमसा नहीं मिलता।

हम जब भी आपकी दुनिया से जायेंगे,
इतनी खुशियाँ और अपनापन दे जायेंगे,
कि जब भी याद करोगे इस पागल दोस्त को,
हँसती आँखों से आँसू निकल आयेंगे।

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दोस्ती में दोस्त, दोस्त का ख़ुदा होता है,
महसूस तब होता है जब वो जुदा होता है।

अगर मिलती मुझे एक दिन भी बादशाही,
तो ए दोस्तों,
मेरी रियासत में हमारी दोस्ती के सिक्के चलते।

दोस्ती नाम है सुख-दुःख की कहानी का,
दोस्ती राज है सदा ही मुस्कुराने का,
ये कोई पल भर की जान-पहचान नहीं है,
दोस्ती वादा है उम्र भर साथ निभाने का।

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कहाँ समझदार हो गए हम, वो नासमझी ही प्यारी थी,
जहाँ हर कोई दोस्त था, हर किसी से यारी थी।

खुदा ने कहा दोस्ती न कर दोस्तों की भीड़ में खो जाएगा,
मैने कहा कभी जमीन पर आकर मेरे दोस्तों से तो मिल,
तू भी ऊपर जाना भूल जाएगा।

तुम रूठे रूठे लगते हो,
कोई तरकीब बताओ मनाने की,
मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूं,
तुम कीमत तो बताओ मुस्कुराने की।